शुक्र. मार्च 28th, 2025 8:29:38 PM
  • महिला उद्यमिता मंच (डबल्यूईपी) और ट्रांसयूनियन सीआईबीआईएल ने मानव संसाधन सशक्तिकरण सोसाइटी (एसईएचईआर) कार्यक्रम शुरू किया है।
  • यह भारत में महिला उद्यमियों को वित्तीय साक्षरता सामग्री और व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाएगा।
  • महिला उद्यमिता मंच (डबल्यूईपी) का उद्देश्य भारत में महिला उद्यमियों के लिए एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। यह नीति आयोग में इनक्यूबेट किया गया एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी मंच है।
  • एसईएचईआर कार्यक्रम डबल्यूईपी के फाइनेंसिंग वूमेन कोलैबोरेटिव (FWC) का हिस्सा है, जो महिला उद्यमियों के लिए वित्तपोषण तक पहुँच में तेजी लाने के उद्देश्य से अपनी तरह की पहली पहल है।
  • भारत में 63 मिलियन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम हैं, जिनमें से 20.5% महिलाओं के स्वामित्व वाले हैं।
  • शहरी क्षेत्रों (18.42%) की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों (22.24%) की हिस्सेदारी थोड़ी अधिक है।
  • पिछले पाँच वर्षों (वित्त वर्ष 2019 – वित्त वर्ष 2024) में, ट्रांसयूनियन सीआईबीआईएल डेटा ने संकेत दिया कि महिलाओं द्वारा व्यवसाय ऋण की मांग 3.9 गुना बढ़ी है।
  • ट्रांसयूनियन सीआईबीआईएल ऐसे समाधान प्रदान करता है जो भारत में लोगों के लिए आर्थिक अवसर, बेहतरीन अनुभव और व्यक्तिगत सशक्तिकरण बनाने में मदद करते हैं।
  • महिला उद्यमिता को बढ़ावा देकर भारत 30 मिलियन से अधिक नए महिला-स्वामित्व वाले उद्यम सृजित कर सकता है, जिससे संभावित रूप से 150 से 170 मिलियन अधिक नौकरियां पैदा होंगी।

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