शुक्र. मार्च 28th, 2025 2:26:07 AM
  • बिहार सरकार ने मंदिरों, मठों और ट्रस्टों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है।
  • बिहार सरकार ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि निकायों का पंजीकरण हो और उनकी अचल संपत्तियों का ब्यौरा बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड (बीएसबीआरटी) को तुरंत प्रस्तुत किया जाए।
  • बीएसबीआरटी राज्य के विधि विभाग के अधीन कार्य करता है।
  • बिहार हिंदू धार्मिक ट्रस्ट अधिनियम, 1950 के अनुसार, सभी सार्वजनिक मंदिरों, मठों, धर्मशालाओं और ट्रस्टों को बीएसबीआरटी के साथ पंजीकृत होना चाहिए।
  • बीएसबीआरटी के रिकॉर्ड के अनुसार, बिहार में 2,512 अपंजीकृत मंदिर और मठ हैं, जिनके पास 4,321.64 एकड़ भूमि है और 2,499 पंजीकृत मंदिर हैं, जिनके पास 18,456 एकड़ भूमि है।
  • वैशाली जिले में सबसे अधिक अपंजीकृत मंदिर (438) हैं, इसके बाद भभुआ (307), पश्चिम चंपारण (273), भागलपुर (191), बेगूसराय (185), सारण (154), गया (152) और खगड़िया (100) हैं।
  • राज्य सरकार पंजीकृत मंदिरों, मठों या ट्रस्टों के साथ-साथ अपंजीकृत संस्थाओं के स्वामित्व वाली संपत्तियों के अवैध लेनदेन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

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